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कोयले के प्रमुख क्षेत्र Major Coal Areas (Ch-59)

केवल 20% कोयला टर्शियरी चट्टानों में पाया जाता है।
– टर्शियरी कोयले के प्रमुख क्षेत्र
1- नवेली   – तमिलनाडु – लिग्नाइट
2- कारगिल – काश्मीर   – ऐंथ्रेसाइट
3- माकुम   – असम       – लिग्नाइट
4- पलना    – राजस्थान – लिग्नाइट
– भारत के शीर्ष 3 कोयला भंडार वाले राज्य –  झारखंड, उड़ीसा, छत्तीसगढ़
– शीर्ष 3 कोयला उत्पादक राज्य – छत्तीसगढ़, झारखंड, उड़ीसा
– कोयला उत्पादन में चीन और USA के बाद भारत का तीसरा स्थान है।
– coal india ltd की स्थापना –  1975  (महारत्न कंपनी)

कोकिंग कोयला
– जिस कोयला में कार्बन ज्यादा होता है उसमें ताप ज्यादा होता है तथा नामी कम होता है उसे कोकिंग कोयला कहा जाता है। कोकिंग कोयला का उपयोग लोहा इस्पात उद्योग में किया जाता है क्योंकि लोहा को पिघलाने के लिए ऐसा कोला चाहिए जिसमें धुआं कम तथा ताप अधिक हो।

परंतु भारत का अधिकांश कोयला गैरकोकिंग श्रेणी है अतः लोहा इस्पात उद्योग के लिए कोकिंग कोयला का आयात चीन और ऑस्ट्रेलिया से करना पड़ता है।
– भारत में सर्वाधिक लिग्नाइट उत्पादक राज्य –  तमिलनाडु (नवेली जिला)
– भारत में सर्वाधिक कोयला खाने – झारखंड में
लिग्नाइट कोयला
– भूरा कोयला, तृतीयक श्रेणी
– भारत में लिग्नाइट कोयला का सबसे बड़ा भंडार तमिलनाडु के नवेली जिले में पाया जाता है। तथा यहां उत्पादन भी सर्वाधिक होता है।
– माकुम कोयला क्षेत्र – असम – लिग्नाइट
– पलना कोयला क्षेत्र – राजस्थान – लिग्नाइट
– कार्बन की मात्रा   –  45 से 55%
पीट कोयला
– घटिया किस्म का कोयला
– कार्बन की मात्रा 45% से कम
– नमी अधिक जिसके कारण धुआं अधिक
– पीट कोयला का निर्माण दलदली क्षेत्र में

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