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नकदी फसल या व्यापारिक फसल INDIAN GEOGRAPHY ( ch – 47)

चाय
– भारत में सर्वप्रथम चाय की खेती 1834 में लॉर्ड विलियम बेटिक के शासनकाल में अंग्रेजों द्वारा असम घाटी में की गई थी।
– चाय का मूल निवास स्थान चीन है।
– अनुकूल दशा
1- 150 – 200 cm वार्षिक वर्षा अर्थात अत्यधिक वर्षा
2- उच्चतापमान
3- भूमि पर्वतीय ढाल दार होनी चाहिए
क्योकि चाय के पौधो को अत्यधिक जल की आवश्यकता पड़ती है परंतु उसके जड़ में पानी इकट्ठा नहीं होना चाहिए।
4- हरी और गंधक युक्त मिट्टी
– भारत में चाय, कहवा, रबड़, मसालों की खेती लैटेराइट मिट्टी वाले क्षेत्रों में की जाती है।
– उत्पादन में शीर्ष 3 राज्य
1- असम – 50% ब्रम्हपुत्र नदी घाटी और सूरमा नदी की घाटी
2- पश्चिम बंगाल
3- तमिलनाडु
– देश में सर्वाधिक चाय क्षेत्रफल असम में है

चाय उत्पादक क्षेत्र

असम – ब्रह्मपुत्र और सुरमा घाटी
पश्चिम बंगाल – दार्जिलिंग, कूचबिहार, जलपाईगुड़ी
हिमाचल प्रदेश – कुल्लू घाटी
तमिलनाडु – नीलगिरि पर्वतीय क्षेत्र
– दक्षिण भारत में तमिलनाडु चाय उत्पादन में अग्रणी राज्य है।
– सिर्फ तीन चाय उत्पादक देश – चीन, भारत, केन्या
– सिर्फ तीन निर्यातक देश – केन्या, चीन, श्रीलंका
– सर्वाधिक काली चाय उत्पादक देश-  भारत (कहवा और कॉफी)
– कहवा का मूल स्थान ब्राजील और अमेजन घाटी है
– भारत में कहवा सर्वप्रथम 17 वीं शताब्दी में बाबा बुदन द्वारा अरब क्षेत्र से लाया गया और कर्नाटक के बाबा बुदन पहाड़ी पर इसे लगाया गया।
– कहवा की खेती दक्षिण भारत के पर्वतीय डालो तक ही सीमित है नीलगिरि पर्वतीय क्षेत्र में अर्थात कर्नाटक, केरल एवं तमिलनाडु में
– सर्वाधिक कहवा उत्पादक राज्य कर्नाटक (68% )तथा इसके बाद केरला
– कहवा की पांच प्रमुख किस्में होती हैं
1- अरेबिका भारत में अरेबिका और रोबस्टा किस्म के कहवा की खेती होती है लेकिन 60% क्षेत्रफल पर अरेबिका की खेती होती है।
2- रोबस्टा –  “”   “”
3- मोका-  यमन तट पर ( लाल सागर)
4- ब्लू माउंटेन  – जमैका में
5- लाइबेरिया – लाइबेरिया में
– सिर्फ तीन उत्पादक देश
–  ब्राजील, वियतनाम, इंडोनेशिया
– चाय के पौधे से वर्ष में तीन बार पत्तियां चुन सकते हैं लेकिन कहवा का पौधा 4 वर्ष में एक बार फल देता है।
– चाय और तंबाकू पौधों की पत्तियों से प्राप्त किया जाता है लेकिन कहवा पौधों के फल से प्राप्त किया जाता है।

तम्बाकू

– तंबाकू का मूल स्थान अमेजन घाटी है
– 2 किस्मे – 1 – निकोटीयाना टोबैकम
– 2 – रस्टिका
– भारत में नी निकोटियाना टोबैकम की खेती होती है।
– शीर्ष 2 उत्पादक राज्य
– 1 आंध्र प्रदेश – सर्वाधिक उत्पादन क्षेत्र फल भी
– 2   गुजरात
– भारत में तंबाकू सर्वप्रथम 17 वीं शताब्दी में जहांगीर के शासनकाल में पुर्तगालियों द्वारा लाया गया।
– भारत में तंबाकू और आलू पुर्तगालियों द्वारा लाया गया था।
– विश्व में तंबाकू का सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता चीन है तथा भारत का दूसरा स्थान है।
– USA का मोंटाना प्रांत अच्छी गुणवत्ता वाले तंबाकू के लिए प्रसिद्ध है।
– विश्व तंबाकू निषेध दिवस – 31 मई
– भारत में 1 मई 2004 से सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान तथा तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन पर रोक लगा दी गई है।

जुट

– निम्नलिखित पांच रेशेदार फसलें – कपास, जूट पटसन, मेस्ता, सनई या अलसी
इनसे रेशा प्राप्त होता है।
– जुट के रेशे से बोरिया, रस्सी, कालीन बनाई जाती है तथा कुछ अच्छी गुणवत्ता वाले जुट के रेशे से कपड़े भी बनाए जाते हैं।
– सर्वाधिक जूट उत्पादक राज्य – पश्चिम बंगाल (70%)
– विश्व में गंगा एवं ब्रह्मपुत्र के डेल्टा को जूट उत्पादन में एकाधिकार प्राप्त है अर्थात जूट उत्पादन केवल इन्हीं क्षेत्रों में होता है।
– विश्व में सर्वाधिक जूट उत्पादक देश- बांग्लादेश

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