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भारत का बांध भाग -2 (अध्याय -37 भारत का भूगोल )

इंदिरा गांधी नहर परियोजना

– इंदिरा गांधी नहर विश्व की विशालतम सिंचाई परियोजना है अर्थात यह विश्व की सबसे बड़ी नहर प्रणाली है।

– इसका उद्देश्य राजस्थान के पश्चिमी जिलों अर्थात शुष्क जिलों को जल उपलब्ध कराना है।

– सतलुज और व्यास नदी पंजाब में कपूरथला के निकट जहां मिलते हैं वहां हरिके बैराज नामक बांध बनाकर पानी को एकत्रित कर दिया गया है।

हरिके बैराज से राजस्थान फीडर नामक नहर निकाली गई है जो इंदिरा गांधी नहर को जल की आपूर्ति कराती है।

– इंदिरा गांधी नहर राजस्थान के 4 जिलों को मुख्य रूप से जल की आपूर्ति करती है- गंगानगर, बीकानेर जैसलमेर बाड़मेर इंदिरा गांधी नहर के कारण ही राजस्थान के पश्चिमी भागों में

टिहरी बांध परियोजना

– भागीरथी एवं भिलंगना नदी के संगम स्थान पर उत्तराखंड राज्य में टिहरी बांध परियोजना बनाया जा रहा है।

– टिहरी बांध भूकंप जोन – 5 के अंतर्गत आता है।

– पूरा हिमालय कश्मीर से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक भूकंप जोन 5 के अंतर्गत आता है जो कि भूकंप के लिहाज से सर्वाधिक संवेदनशील क्षेत्र है। अर्थात यहां पर रिएक्टर स्केल पर 8 या 8 से अधिक तीव्रता के भूकंप आने की संभावना बनी रहती है। अतः यहां आस-पास के क्षेत्रों के लिए खतरनाक है।

– पहले भारत में 5 भूकंप जोन थे – भूकंप जोन 1, भूकंप जोन 2, भूकंप जोन 3, भूकंप जोन 4, भूकंप जोन 5

परंतु अब भूकंप जोन 1 को समाप्त कर दिया गया है।

– सर्वाधिक भूकंप की तीव्रता भूकंप जोन 5 में मापी जाती है तथा उसके बाद क्रमशः 4,3,2 में मापी जाती है।

– भूकंप जोन 5 – कश्मीर से अरुणाचल प्रदेश तक हिमालय का भाग पूर्वोत्तर भारत नेपाल और बिहार का सीमावर्ती क्षेत्र गुजरात का कच्छ वाला क्षेत्र- 8 तीव्रता

नर्मदा घाटी परियोजना

– नर्मदा भारत की पांचवी सबसे लंबी नदी है।

– भारत की लंबी नदियों का क्रम – गंगा, गोदावरी, कृष्णा, यमुना, नर्मदा

– गोदावरी और कृष्णा के बाद नर्मदा दक्षिण भारत की तीसरी सबसे लंबी नदी है।

– अरब सागर में जल गिराने वाली भारत की सबसे लंबी नदी नर्मदा है।

– नर्मदा का जल ग्रहण क्षेत्र 3 राज्यों में विस्तृत है –

मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात

86%          2%        12%

– नर्मदा नदी के जल का उपयोग करने के लिए नर्मदा घाटी परियोजना तैयार की गई जिसके तहत नर्मदा नदी पर बहुत से बांधों का निर्माण किया जा रहा है जिनमें से चार प्रमुख हैं –

1- नर्मदा सागर परियोजना – मध्य प्रदेश

2- ओंकारेश्वर परियोजना – मध्यप्रदेश

3- महेश्वर परियोजना –  मध्य प्रदेश

4- सरदार सरोवर परियोजना – गुजरात

सरदार सरोवर परियोजना

– सरदार सरोवर परियोजना 4 राज्यों की संयुक्त परियोजना है –

मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान

– सरदार सरोवर परियोजना का सर्वाधिक लाभ गुजरात को मिलेगा क्योंकि इस बांध के बन जाने से गुजरात के पश्चिमी शुष्क इलाकों में जल की आपूर्ति की जा सकेगी।

– सरदार सरोवर परियोजना से सर्वाधिक नुकसान मध्यप्रदेश को होगा क्योंकि बांध के कारण जलस्तर बढ़ने से मध्यप्रदेश का बहुत बड़ा वनाच्छादित क्षेत्र जलमग्न हो जाएगा तथा बहुत सारे जीव जंतु विलुप्त हो जाएंगे जिससे इस क्षेत्र में पारिस्थितिकीय संकट उत्पन्न हो जाएगा।

– इस क्षेत्र में रहने वाले जनजाति इससे प्रभावित होंगे तथा उनके पुनर्वास की संकट उत्पन्न होगी।

– सरदार सरोवर परियोजना या बांध की ऊंचाई बढ़ाने के कारण 90 के दशक में नर्मदा बचाओ आंदोलन शुरू हो गया। इस आंदोलन के दो प्रमुख नेता थे – मेधा पाटकर और बाबा आमटे

केन – बेतवा लिंक परियोजना

– केन और बेतवा दोनों यमुना की सहायक नदियां हैं।

– दोनों नदियां मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश में प्रवाहित होती है।

– 2005 में केन बेतवा लिंक परियोजना की शुरुआत की गई थी तथा हाल ही में यह परियोजना तैयार हो गई है जिसके तहत केन एवं बेतवा नदी को नहर के माध्यम से जोड़ भी दिया गया है ताकि बुंदेलखंड की सूखे की समस्या से निजात पाया जा सके।

– केन बेतवा लिंक परियोजना को नदी जोड़ो परियोजना का ही प्रारंभिक चरण माना जा सकता है।

– नदी जोड़ो परियोजना को अमृत क्रांति का नाम दिया गया है।

नदी जोड़ो परियोजना

– नदी जोड़ो परियोजना एक महत्वाकांक्षी परियोजना है जिसे अभी तक भारत में अत्यधिक लागत के कारण शुरु नहीं किया गया है।

इस योजना के तहत उत्तर भारत की नदियों को दक्षिण भारत की नदियों से जोड़ दिया जाएगा तथा पूर्वोत्तर भारत की नदियों पश्चिम की नदियों से जोड़ दिया जाएगा जिससे पूर्वोत्तर भारत को बाहर तथा पश्चिमी भारत को सुखा जैसी आपदा से निजात मिलेगा तथा उत्तर भारत की नदियों को दक्षिण भारत की नदियों से जोड़ देने पर दक्षिण भारत की नदियों में वर्ष भर जल की आपूर्ति होती रहेगी।

नदी जोड़ो परियोजना को अमृत क्रांति का नाम दिया गया है।

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7 thoughts on “भारत का बांध भाग -2 (अध्याय -37 भारत का भूगोल )

  1. good mornig sar आप का यह जो videoहैं मुझे बहुत पसंद
    मैं ssc का क्षात्र मुझे GS बिल्कुल नहीं आता था जब से मैं आपका video देखा तब से मुझ काफी आने लगा हैं
    हमारी ओर से आपका बहुत-बहुत स्वागत हैं

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