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भारत के बांध (अध्याय -36 भारत का भूगोल )

बहुउद्देशीय परियोजना

– नदियों का पानी रोककर जो बड़े बांध बनाए जाते हैं उन्हें बहुउद्देशीय परियोजना कहते हैं।

इन बांधों से बहुत सारे उद्देश्यों की पूर्ति होती है जिसके कारण इसे बहुउद्देशीय परियोजना कहते हैं।

जैसे – सिंचाई, जल विद्युत उत्पन्न करना, मछली पालना, पर्यटक स्थल, अन्य।

– पंजाब में भाखड़ा एवं नांगल नामक स्थान पर सतलज नदी के पानी को रोककर बांध बना दिया गया है जिसे भाखड़ा बांध तथा नांगल बांध कहा जाता है तथा दोनों को संयुक्त रुप से भाखड़ा नांगल बांध कहते हैं।

– भाखड़ा नांगल बांध के पीछे जलाशय का निर्माण हुआ है जिसे गोविंद सागर झील कहते हैं।

गोविंद सागर झील हिमाचल प्रदेश में है।

बांध बनाने के कारण निर्मित झील को मानव निर्मित झील या कृतिम झील कहते हैं।

भारत के प्रमुख बहुउद्देशीय परियोजनाएं

दामोदर घाटी परियोजना

– दामोदर नदी छोटा नागपुर पठार से निकलकर हुगली नदी में मिल जाती है अर्थात दामोदर नदी हुगली की सहायक नदी है।

– दामोदर नदी झारखंड एवं पश्चिम बंगाल में प्रवाहित होती है।

– मानसून काल में जब छोटा नागपुर पठार पर वर्षा होती थी तो उसका पानी मैदानी भाग में आकर दामोदर नदी में प्रवाहित होने लगता था जिसके कारण पश्चिम बंगाल में बाढ़ आ जाती थी ।

इस समस्या को दूर करने के लिए 1948 में दामोदर घाटी निगम गठित किया गया और इस निगम ने बाढ़ की समस्या से पश्चिम बंगाल को बचाने के लिए दामोदर नदी पर आठ बांध का निर्माण किया जिसमें से प्रमुख हैं –  कोनार, मैथान, तिलैया, पंचेथलि

– दामोदर घाटी परियोजना का निर्माण अमेरिका के टेंनिसी घाटी परियोजना के आधार पर किया गया।

भाखड़ा नांगल परियोजना

भाखड़ा बांध हिमाचल प्रदेश में तथा नांगल बांध पंजाब में है।

– भाखड़ा बांध दुनिया का सबसे ऊंचा बांध है।

– ऊ० – 226 मीटर

– भाखड़ा नांगल परियोजना तीन राज्यों की संयुक्त परियोजना है  – पंजाब, हरियाणा, राजस्थान लेकिन इस पर योजना का लाभ 5 राज्यों को मिला है – पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली |

कोसी परियोजना

– कोसी नदी तिब्बत के पठार से निकलकर नेपाल होते हुए बिहार में प्रवाहित होती है।

– कोसी नदी बिहार के भागलपुर जिले में गंगा नदी से मिलती है।

कोसी नदी अपने साथ लाए गए हिमालय के अवसादो से बिहार के मैदानी भागों में अपना रास्ता अवरुद्ध कर लेती है जिसके कारण कोसी नदी विसर्पण करने लगती है या अपना मार्ग बदल लेती है जिसके कारण कोसी नदी अपना मार्ग बदलने के लिए कुख्यात है

इस कारण अचानक बिहार के गांव में बाढ़ आ जाती है, अतः इसी कारण कोसी नदी को “बिहार का शोक” कहते हैं।

अतः कोसी नदी के बाढ़ की समस्या से निजात पाने के लिए नेपाल में हनुमान नगर नामक स्थान पर एक बांध बनाकर कोसी नदी के पानी को रोक दिया गया है जिसे हनुमान नगर बैराज के नाम से जाना जाता है।

रिहंद बांध परियोजना

– रिहंद नदी सोन नदी की सहायक नदी है।

– सोन नदी अमरकंटक चोटी से निकलकर बिहार में गंगा नदी से मिलती है।

– रिहंद नदी पर उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में रिहंद बांध बनाया गया है रिहंद बांध के पीछे मिर्जापुर में ही गोविंद बल्लभ पंत सागर झील कृत्रिम झील का निर्माण हुआ है।

– भारत की सबसे बड़ी मानव निर्मित झील या कृत्रिम झील गोविंद बल्लभ पंत सागर झील है।

चंबल परियोजना

– चंबल नदी मालवा पठार से निकलकर यमुना नदी में मिल जाती है अर्थात यमुना की सहायक नदी है।

– चंबल नदी मध्य प्रदेश से निकलकर राजस्थान होते हुए उत्तर प्रदेश में इटावा के पास यमुना नदी से मिल जाती है।

चंबल नदी का पानी उपयोग करने के लिए इस पर तीन बांध बनाए गए हैं।

1- जवाहर सागर बांध – राजस्थान – जवाहर सागर झील

2- राणा प्रताप सागर बांध – राजस्थान – राणा प्रताप सागर झील

3- गांधी सागर बांध – मध्य प्रदेश – गांधी सागर झील

– चंबल परियोजना राजस्थान और मध्य प्रदेश की संयुक्त परियोजना है।

हीराकुंड परियोजना

– उड़ीसा में महानदी का पानी रोकने के लिए हीराकुंड बांध बनाया गया है इसके पीछे हीराकुंड जलाशय का निर्माण हुआ है।

– हीराकुंड बांध बनने से पहले महानदी को उड़ीसा का शोक कहते थे।

– दुनिया का सबसे लंबा बांध हीराकुंड बांध है।

– ल० – 4801 मीटर

Comments

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9 thoughts on “भारत के बांध (अध्याय -36 भारत का भूगोल )

  1. Sir Mai aap ka video parday dekhata hu mujhe isse bahut knowledge huy Jo mujhe pahle nahi tha
    Aap ko bahut bahut danyabad aur notes ke liye bhi

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