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अफ्रीका महाद्वीप का भाग-2 (अध्याय-13 विश्व भूगोल )

– नास्सीर झील – मिस्र में

– विक्टोरिया झील – युगांडा, तंजानिया, केन्या- विषुवत रेखा पर – नील नदी का उद्गम

– टंगनियका झील – तंजानिया, बुरुंडी, कांगो, जांबिया

– मलावी झील – तंजानिया, मोजांबिक, मलावी

– तुर्कान झील – केन्या

– टाना झील – इथियोपिया

– दक्षिणी सूडान – ईसाई बहुल देश – जुलाई 204 में बना ।

– सूडान – मुस्लिम बाहुल्य देश

नील नदी की दो धारा है।

1- वाइट नील – विक्टोरिया से निकलने वाली मुख्य धारा।

2- ब्लू नील – इथियोपिया से निकलती

वाइट नील और ब्लू नींल सूडान की राजधानी खारतूम में मिलती है तथा दोनों की संयुक्त धारा नील नदी कहलाती है।

White nile + blue nile = nile

– ताप विद्युत – कोयला

– जल विद्युत – जल

– पवन विद्युत-  पवन

– मिस्र में नील नदी पर आस्वान बांध बनाया गया है।

– कांगो नदी कांगो प्रजातांत्रिक गणराज्य या जायरे देश में है यह नदी विषुवत रेखा को दो बार काटती है और अटलांटिक महासागर में मिल जाती है।

– कांगो गणराज्य कांगो नदी के जल ग्रहण क्षेत्र के साथ-साथ विस्तृत है।

– कांगो नदी के कारण ही कांगो प्रजातांत्रिक गणराज्य देश के पास तट है।

– कांगो गणराज्य के दक्षिणी भाग में कटंगा पठार है। यह पठार धात्विक खनिजों से समृद्ध है। – हीरा, तांबा

विश्व का लगभग आधा हीरा कटंगा पठार में संचित है लेकिन अभी यहां से उत्पादन नहीं किया जा रहा है। और तांबा भी।

नाइजर नदी नाइजीरिया में प्रवाहित होती है और गिनी की खाड़ी में गिरती है। नाइजीरिया में नाइजर नदी के घाटी में जमीन के अंदर चट्टानों में बड़ी मात्रा में पेट्रोलियम का भंडार पाया जाता है इसलिए नाइजर नदी को तेल नदी (oil river) कहते हैं।

नाइजर नदी के घाटी में इबादान नामक शहर से तेल का उत्सर्जन किया जाता है तथा इबादान की रिफाइनरी में ही तेल का शोधन किया जाता है।

इबादान – नाइजीरिया का सबसे बड़ा नगर

– नाइजर नदी पर कैंजी बांध बनाकर जल विद्युत का उत्पादन होता है।

– लिम्पेपो नदी दक्षिण अफ्रीका और बोत्सवाना देशों के सीमा पर बहती है और मकर रेखा को दो बार काटती है।

– जांबेजी नदी जांबिया और जिंबाब्वे के सीमा पर बहती हुई मोजांबिक में प्रवेश करती हुई मोजांबिक चैनल में गिरती है।

–  करीबा बांध – जांबेजी नदी

– अफ्रीका का सबसे समृद्ध शहर दक्षिण अफ्रीका है।

जोहांसबर्ग

– दक्षिण अफ्रीका का प्रमुख शहर

– वीटवाटर्स रैण्ड पहाड़ी पर स्थित

– वीटवाटर्स रैण्ड पहाड़ी पर सोना का बड़ा भंडार संचित है।

– जोहांसबर्ग के खानों से दुनिया में सर्वाधिक सोना का उत्पादन।

जोहांसबर्ग को स्वर्ण नगर भी कहते हैं।दक्षिण अफ्रीका की दो राजधानियां हैं।

1- प्रिटोरिया – प्रशासनिक राजधानी

2- केपटाउन – वैधानीक राजधानी ( संसद)

नया नाम – शवाने ( pchwane)

– कांगो गणराज्य कांगो  – सदाबहार वन, विषुवतीय जलवायु

– विषुवतीय जलवायु के उत्तर एवं दक्षिण में सवाना जलवायु पाया जाता है। सवाना तुल्य जलवायु को सूडान तुल्य जलवायु भी कहते हैं क्योंकि सूडान में सर्वाधिक सवाना तुल्य जलवायु की विशेषता है।

– वर्षा कम

– मोटी, कटीली, कठोर घास के मैदान

– सवाना जलवायु के उत्तर एवं दक्षिण में जाने पर मरुस्थलीय जलवायु पाया जाता है जिससे अफ्रीका के उत्तर में स्थित मरुस्थल को सहारा मरुस्थल एवं दक्षिण में स्थित मरुस्थल को कालाहारी मरुस्थल कहते हैं।

– सहारा मरुस्थल का प्रमुख जीव – ऊट

– कालाहारी मरुस्थल का प्रमुख जीव – शुतुरमुर्ग

– दक्षिण अफ्रीका में शीतोष्ण जलवायु या प्रेयरी जलवायु पाया जाता है। तथा स्थानीय नाम वेल्ड प्रदेश है।

मुलायम एवं लंबी घास

मक्का

– वेल्ड प्रदेश को मक्का त्रिभुज भी कहते हैं क्योंकि यहां मक्का का उत्पादन अधिक होता है।

– वेल्ड प्रदेश में बड़ी मात्रा में भेड़ पालन होता है।

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4 thoughts on “अफ्रीका महाद्वीप का भाग-2 (अध्याय-13 विश्व भूगोल )

  1. Sir world map के starting से नही मिल रहा कुछ मुझे स्टार्ट से सारी नोट्स चाहिए जैसे आप वीडियो एक तरफ से एक तरफ तक बनाए हैं उसी प्रकार नोट्स भी अगर एक तरफ से उपलब्ध करा देते तो बड़ी कृपा होगी

    1. world geography notes pr jakr check kariye
      aur niche jayenge to older post ka bhi button hoga uspe click karenge to purane post bhi milenge

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