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खनिज संसाधन MINERALS RESOURCES ( CH – 51 )

खनिज संसाधन ( MINERALS RESOURCES) - भारत खनिज संपदा की दृष्टि से एक समृद्ध राज्य है। भारत में प्रत्येक तरह का खनिज पाया जाता है। - खनिज तीन प्रकार के होते हैं - 1- धात्विक खनिज - 2 प्रकार - 1- लौह खनिज -  लौह अयस्क, मैगनीज, निकेल, क्रोमियम, कोबाल्ट, टंगस्टन 2- अलौह खनिज

शीर्ष उत्पादक देश और राज्य ( CH – 50 )

फसल               शीर्ष देश                राज्य कुल खाद्दान्न     1- चीन,                 1- u.p 2- u. s.a 3- भारत                2- पंजाब चावल              1- चीन                 1- पं बंगाल 2- भारत               2- u. p 3- इंडोनेशिया     3- आंध्र प्रदेश गेहूँ                   1- चीन                 1- u. p  Shop with Amazon Pay Balance & get 2% cashback (up to INR 2400) on all eligible purchases on

उद्यान विज्ञान फल और सब्जी उत्पादन HORTICULTURE (CH-49)

फल - संतुलित आहार के लिए एक व्यक्ति को प्रतिदिन 92 ग्राम फल सेवन की संस्तुति की गई है। - फलों और सब्जियों में एंटीऑक्सीडेंट्स (प्रति ऑक्सीकारक) पाए जाते हैं जो शरीर में ऑक्सीकरण की क्रिया से उत्पन्न मुक्तमूलको को निष्क्रिय कर कोशिकाओं को नष्ट होने से बचाते हैं इस प्रकार एंटीऑक्सीडेंट्स

उद्यान विज्ञान फल और सब्जी उत्पादन HORTICULTURE (CH-48)

- उधान विज्ञान में चार चीजें शामिल है। 1- फल उत्पादन 2- सब्जी उत्पादन 3- फूल उत्पादन और सजावटी पौधा 4- फल और सब्जी संरक्षण - फ्लोरीकल्चर - फूलों की खेती - एंथोलॉजी - पुष्प विज्ञान - पोमोलॉजी - फल विज्ञान भारत दुनिया का 11% (लगभग 10%) फल उत्पादन कर विश्व में चीन के बाद दूसरा स्थान रखता

नकदी फसल या व्यापारिक फसल INDIAN GEOGRAPHY ( ch – 47)

चाय - भारत में सर्वप्रथम चाय की खेती 1834 में लॉर्ड विलियम बेटिक के शासनकाल में अंग्रेजों द्वारा असम घाटी में की गई थी। - चाय का मूल निवास स्थान चीन है। - अनुकूल दशा 1- 150 - 200 cm वार्षिक वर्षा अर्थात अत्यधिक वर्षा 2- उच्चतापमान 3- भूमि पर्वतीय ढाल दार होनी चाहिए क्योकि चाय के

नकदी फसल या व्यापारिक फसल INDIAN GEOGRAPHY (CH – 46)

गन्ना - गन्ना उष्णकटिबंधीय फसल है। - गन्ना ग्रेमिनी कुल का फसल हैं। - गन्ना एवं चीनी उत्पादन में ब्राजील के बाद भारत का दूसरा स्थान है जबकि विश्व में चीनी की खपत में भारत का दूसरा स्थान है। - गन्ना भारत में सर्वाधिक सिंचित फसल है अर्थात गन्ना को सर्वाधिक सिंचाई की आवश्यकता

तिलहन फसलें OIL CROP PRODUCTION IN INDIA (CH – 45)

तिलहन फसलें - जिन फसलों से तेल निकाला जाता है उन्हें तिलहन फसल कहते हैं। Ex - सोयाबीन, मूंगफली, सरसों, सूरजमुखी नारियल, कुसम - हमारे देश में तिलहन फसलों की खेती अनुपजाऊ भूमि तथा वर्षा की कमी वाले क्षेत्रों में की जाती है। - क्षेत्रफल की दृष्टि से खाद्यान्न फसलों के बाद तिलहन का

दाल की फसलें INDIAN GEOGRAPHY (CH – 44)

दलहनी फसलें - दलहनी फसलें लेग्यूमेनेसी कुल की फसलें हैं। लेग्यूमेनेसी कुल की फसलों की विशेषता होती है कि उनकी फसलों की जड़ों में ग्रंथियां पाई जाती हैं। तथा इन ग्रंथों में राइजोबियम नामक जीवाणु सहजीवन करता है राइजोबियम नामक जीवाणु वायुमंडलीय नाइट्रोजन का मिट्टी में स्तरीकरण करके मिट्टी को नाइट्रेट

खाद्दान्न फसलें Food grains indian geography (ch – 42)

गेहूँ - चावल और गेहूं दोनों ग्रेमिनी कुल की फसलें हैं। - चावल और गेहूं दोनों के उत्पादन में चीन के बाद भारत का दूसरा स्थान है। - भारत का दूसरा महत्वपूर्ण खाद्दान्न चावल के बाद गेहूं है। - गेहूं को सिंचाई की आवश्यकता पड़ती है क्योंकि गेहूं रबी ऋतु की फसल है और

भारत में कृषि AGRICULTURE IN INDIA (Indian geography ch-41)

भारत में कृषि - भारत एक कृषि प्रधान देश है क्योंकि आज भी भारत के कुल श्रम शक्ति का 54% भाग कृषि क्षेत्र में रोजगार पाता है। - भारत में कुल 15 कृषि जलवायुवीक प्रदेश पाए जाते हैं। - हर पौधा एक विशिष्ट जलवायु दशा में ही अपना विकास कर सकता है यही

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